शहर में शुक्रवार को कोरोना के संक्रमण से लड़ रहे डॉक्टरों को बड़ी सफलता मिली। कुछ दिन पूर्व कोरोना पॉजिटिव पाए गए एक युवक व महिला की जांच रिपोर्ट अब निगेटिव आई है। इन दोनों का एमडीएम अस्पताल के डॉक्टर जयपुर में कोरोना से ठीक हुए मरीजों की तर्ज पर इलाज कर रहे थे।
तुर्की के लौटे पति-पत्नी कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इनमें पति की उम्र 62 साल जबकि महिला की उम्र 59 साल है। यह दोनों जोधपुर में सबसे पहले कोरोना संक्रमित मिले युवक के चाचा-चाची हैं। इन तीनों का जोधपुर के एमडीएम अस्पताल में इलाज चल रहा है। इन पति-पत्नी के साथ मुंबई से ट्रेन में यात्रा करने वाली एक युवती भी संक्रमित हो चुकी है। वहीं, एक पाली में मिला संक्रमित युवक भी एडीएम में भर्ती है, उसने दुबई की यात्रा की थी।
करीब पांच दिन से एमडीएम अस्पताल में इन सभी का इलाज चल रहा है। डॉक्टरों ने कल रात पति-पत्नी और पाली वाले युवक का बार फिर सैंपल लेकर जांच कराई। आज सुबह चौंकाने वाली रिपोर्ट मिली कि इसमें से पहले पॉजिटिव पाई गई महिला अब निगेटिव पाई गई। इसी तरह पाली के ढोला गांव का युवक की रिपोर्ट भी निगेटिव आई है।
खिल उठे डॉक्टरों के चेहरे
पांच में से दो लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आने से इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों के चेहरे खिल उठे। इनका इलाज करने वाले डॉक्टरों का कहना है कि उन्होंने जयपुर में सबसे पहले कोरोना का इलाज करने के लिए अपनाई गई लाइन ऑफ ट्रीटमेंट को अपनाया। इसके नतीजे सकारात्मक नजर आ रहे हैं। हालांकि जांच रिपोर्ट निगेटिव आने के बावजूद अभी दोनों को अस्पताल से घर नहीं भेजा जाएगा। इनका इलाज जारी रहेगा और पांच दिन बाद एक बार फिर सैंपल लेकर जांच कराई जाएगी। उसमें भी रिपोर्ट निगेटिव आने पर इनके पूरी तरह से कोरोना से मुक्त होना मान लिया जाएगा।